जम्मू और कश्मीर

J&K क्राइम ब्रांच ने फर्जी नौकरी मामले में चार्जशीट दाखिल की

Kavita2
3 July 2026 4:54 PM IST
J&K क्राइम ब्रांच ने फर्जी नौकरी मामले में चार्जशीट दाखिल की
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Jammu जम्मू: जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को जानकारी दी कि उसने लाखों रुपये की फर्जी नौकरी और जाली वीजा से जुड़े एक धोखाधड़ी मामले में एक एजुकेशनल कंसल्टेंसी संचालक के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह कार्रवाई आर्थिक अपराध शाखा (EOW), कश्मीर, क्राइम ब्रांच, J&K द्वारा की गई है। मामला फर्जी वीजा और विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने से जुड़ा बताया जा रहा है।

क्राइम ब्रांच के अनुसार यह मामला FIR नंबर 67/2021 के तहत दर्ज किया गया था। इसमें भारतीय दंड संहिता के समकक्ष रणबीर पीनल कोड (RPC) की धारा 420, 468 और 471 के तहत कार्रवाई की गई है। ये धाराएं क्रमशः धोखाधड़ी, जालसाजी और जाली दस्तावेजों के उपयोग से संबंधित अपराधों को कवर करती हैं। जांच पूरी होने के बाद यह चार्जशीट श्रीनगर की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अदालत में दाखिल की गई है।

इस मामले में आरोपी के रूप में फैयाज अहमद जरगर का नाम सामने आया है, जो मोहम्मद शफी जरगर के पुत्र बताए गए हैं। उनका पता कुतुब दीन पोरा, आली कदल, जामिया मस्जिद क्षेत्र, श्रीनगर दर्ज किया गया है। आरोप है कि वह श्रीनगर के करन नगर इलाके में स्थित मेसर्स HR चॉइस इंटरनेशनल एजुकेशन कंसल्टेंसी का संचालन कर रहे थे।

शिकायत के अनुसार, आरोपी ने शिकायतकर्ता को बहरीन में नौकरी दिलाने का झूठा वादा किया था। इसी भरोसे पर पीड़ित से बड़ी राशि वसूली गई। आरोप है कि न केवल नौकरी का वादा पूरा किया गया, बल्कि वीजा और अन्य दस्तावेजों के नाम पर भी फर्जी प्रक्रिया दिखाई गई। बाद में यह सामने आया कि प्रस्तुत किए गए वीजा और दस्तावेज संदिग्ध और कथित रूप से जाली थे।

इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने पहले मामला दर्ज किया और प्रारंभिक जांच शुरू की। जांच के दौरान कई पीड़ितों के बयान दर्ज किए गए और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई। आर्थिक अपराध शाखा की विस्तृत जांच में यह सामने आया कि एजुकेशनल कंसल्टेंसी के नाम पर विदेश में रोजगार दिलाने का एक संगठित तरीका अपनाया गया था, जिसमें लोगों को आकर्षक वेतन और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर पैसे लिए जाते थे।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस तरह के मामलों में अक्सर बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाया जाता है, जो विदेश में काम की तलाश में रहते हैं। उन्हें भरोसा दिलाया जाता है कि उन्हें जल्द ही विदेश भेजा जाएगा, लेकिन बाद में न तो नौकरी मिलती है और न ही वीजा प्रक्रिया पूरी होती है। कई मामलों में पीड़ितों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और वे कानूनी प्रक्रिया में फंस जाते हैं।

क्राइम ब्रांच ने बताया कि सभी सबूतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट तैयार की गई और अदालत में प्रस्तुत की गई है। अब यह मामला न्यायालय के विचाराधीन है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत सुनवाई होगी।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि J&K में फर्जी नौकरी और वीजा धोखाधड़ी के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की ठगी को रोका जा सके।

यह मामला एक बार फिर इस बात को उजागर करता है कि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे कई एजुकेशनल कंसल्टेंसी नेटवर्क संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में पारदर्शिता और निगरानी की आवश्यकता है, ताकि आम लोगों को आर्थिक नुकसान और धोखाधड़ी से बचाया जा सके।

इस प्रकार, J&K क्राइम ब्रांच द्वारा दाखिल की गई यह चार्जशीट इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम माना जा रहा है, जो आगे न्यायिक प्रक्रिया को गति देगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

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